Wednesday, September 19, 2018

हिम्मत

वैसे तो मैं बहुत ही कलेजेदार हूँ
पर एक बात में
बिलकुल ही बेकार हूँ
स्वीकार करता हूँ मैं सबके सामने
लड़कियों के मामले में
मैं बिलकुल ही कच्चा हूँ
बात करने में मैं बेहद ही डरता हूँ
हालांकि कई दोस्तों ने
समझाया बुझाया
कि लड़कियां मन की कच्ची होती हैं
बातों में पक्की होती हैं
बस यही बात मेरी समझ में आ गई
मेरी बुद्धि ही चकरा गई
सोचा ट्राई करूँ एक बार
पर डर रहा था मैं
कहीं सैंडिल न पड़ जाए मुझ पर कई बार
खैर
मन पक्का किया
सोचा बोल दूँ मैं मन की बात
अपने मनप्रीत से
शुरू में डरा फिर बोला
यूँ सोचकर
जब मुझे मेरे मनप्रीत का
उत्तर मिला
मैं हैरान और हतप्रभ रह गया
उसके दिल की बातों को
गहराई में जाकर देखा
हंसपड़ा मैं
सोच कर सब
कि मेरी ही बातों को
यूँ सतरँगी धनुष में
जोड़कर, मोतियो को पिरोकर
मुझे ही वापस कर दिया गया
प्यार भरी उन नज़रों को
मैं हैरानी से देख रहा था
मन ही मन कुछ सोच रहा था
आंख खुली तो
सुबह हुई थी चिड़ियों की चहचाहट से
हंस पड़ा मैं सोचकर
जो बातें सपने में देखी थी
अक्सर सच होती है
सुबह स्वप्न की बाते
सोचकर यह मैं
भविष्य में खो गया

:   पंकज कुमार